गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग, अवैध वधशालाओं पर सख्ती की उठी आवाज
अजमेर जिले के बांदनवाड़ा कस्बे में सोमवार सुबह गौ रक्षा और गौ माता के सम्मान को लेकर जबरदस्त जनसैलाब देखने को मिला। गौ भक्तों द्वारा विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और “जय गौ माता” के जयघोष से पूरा कस्बा गूंज उठा।सत्यनारायण मंदिर से निकली रैली, उपतहसील कार्यालय तक पहुंची
यह रैली प्राचीन भगवान श्री सत्यनारायण मंदिर परिसर से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गों और चौराहों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। रैली के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन और संकीर्तन करते हुए गौ माता के सम्मान में नारे लगाते नजर आए।उप-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, कई बड़े नेताओं के नाम भेजा गया
रैली के समापन पर गौ भक्तों ने उपतहसीलदार को माला व साफा पहनाकर सम्मानपूर्वक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक और एसडीएम के नाम प्रेषित किया गया।गौ हत्या पर रोक और गोचर भूमि बचाने की मांग
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश में गौ माता के साथ हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि: गौ हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए, गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए हर गांव में गौशाला और नंदीशाला की स्थापना की जाए “गौ माता के सम्मान के लिए जान भी न्योछावर” गौ भक्तों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह आंदोलन किसी संगठन विशेष का नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति से जुड़ा जन आंदोलन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो गौ माता के सम्मान के लिए प्राण भी न्योछावर कर दिए जाएंगे और यह आंदोलन आगे चलकर बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।🟣 ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें: ज्ञापन में सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की गईं, जिनमें शामिल हैं— सख्त केंद्रीय गौ संरक्षण कानून बनाया जाए, अवैध वधशालाओं पर कड़ी कार्रवाई हो, गौ तस्करी को गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाए, दोषियों को आजीवन कारावास और संपत्ति जब्ती का प्रावधान हो गौ माता को “राष्ट्रमाता” या “राष्ट्र आराध्य” का दर्जा दिया जाए, गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा मिले, जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाए, मिड-डे मील और धार्मिक प्रसाद में देसी घी और दूध का उपयोग अनिवार्य किया जाए
बड़ी संख्या में गौ भक्त रहे मौजूद: इस मौके पर कई प्रमुख लोग और गौ भक्त मौजूद रहे, जिनमें—किशन गोपाल परिहार, विश्व देव कुमावत, देवेंद्र शर्मा, चंद्र प्रकाश टेलर, पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, दाऊराम शर्मा, प्रिंस कुमार जैन, पवन उपाध्याय, रूप सिंह राठौड़, नागेंद्र सिंह राठौड़, भगवान सिंह चौहान, पीरूलाल खटीक, कार्तिक पुरोहित, मोनू बंजारा, झालाराम गुर्जर, बिंदु सिंह शेखावत, प्रकाश कृपलानी, भागचंद चौधरी, महिपाल सिंह राठौड़, रंगलाल खटीक, सुरेश जाट, दयाल नायक, हरिराम गुर्जर, दिनेश खाती, मनीष जोशी, लखन जी, महादेव भील, तुषार सिंह सहित अनेक लोग शामिल रहे।निष्कर्ष: बांदनवाड़ा में आयोजित यह रैली न केवल गौ रक्षा के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है।
