जयपुर: राजस्थान में अवैध मदिरा के निर्माण, मिलावट, भण्डारण, परिवहन तथा गैरकानूनी बिक्री को पूरी तरह समाप्त करने के लिए आबकारी विभाग ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के सीधे आदेश पर पूरे राज्य में बिना किसी ढिलाई के यह बड़ा कदम उठाया गया है। एक से पांच नवंबर तक चले इस विशेष कार्य के दौरान एक लाख अठारह हजार लीटर से अधिक कच्ची सामग्री नष्ट की गई तथा लगभग छह सौ मामले दर्ज कर चौरानवे लोगों को पकड़ा गया है।
कार्रवाई का पूरा लेखा जोखा
विभाग की ओर से जारी विवरण के अनुसार पांच दिनों की अवधि में कुल पांच सौ नब्बे मामले बनाए गए। इस दौरान चार लाख तिरानवे हजार रुपये मूल्य की पंद्रह सौ लीटर से अधिक देशी मदिरा, पांच लाख चौरासी हजार रुपये से अधिक मूल्य की सात हजार लीटर अंग्रेजी शराब, नब्बे हजार रुपये मूल्य की बीयर तथा चार हजार लीटर से अधिक हथकड़ शराब जब्त की गई। इसके अतिरिक्त एक लाख अठारह हजार तीन सौ इकहत्तर लीटर कच्ची सामग्री मौके पर ही बहाकर समाप्त कर दी गई। अवैध कार्य में लगी आठ दोपहिया गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।अलग अलग जिलों में हुई कार्रवाई
कोटा के रामगंजमंडी इलाके में दो हजार लीटर सामग्री बहाने के साथ पांच भट्टियां तोड़ी गईं और हथकड़ माल पकड़ा गया। हनुमानगढ़ के विभिन्न कस्बों में चार हजार लीटर सामग्री और छह भट्टियां तोड़ी गईं तथा दो लोगों को पकड़ा गया। सीकर जिले में सोलह सौ लीटर कच्चा माल नष्ट हुआ और कई तरह की बोतलें तथा हथकड़ शराब पकड़ी गई। राजधानी जयपुर में देशी माल की पेटियां पकड़कर चार मामले बनाए गए। झालावाड़ जिले में अवैध परिवहन करते वाहन को पकड़ा गया। इसके अलावा सवाईमाधोपुर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा तथा टोंक जिलों में भी व्यापक धरपकड़ हुई, जहां कई भट्टियां गिराई गईं। पूरे प्रदेश में आबकारी विभाग के सभी बड़े और छोटे दल लगातार गश्त कर रहे हैं। राज्य की सीमाओं पर विशेष पहरा लगाया गया है ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले अवैध माल को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।