Alwar News: टहटड़ा में मौत को दावत देता जलदाय विभाग का जर्जर पानी टैंक, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
अलवर जिले की रैणी पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली टहटड़ा पंचायत मुख्यालय पर जलदाय विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। टहटड़ा बस स्टैंड के पास स्थित जलदाय विभाग का विशाल पानी का टैंक पिछले काफी समय से गंभीर रिसाव (लीकेज) का शिकार बना हुआ है। लगातार हो रहे पानी के रिसाव से यह टैंक अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए डर और खतरे का कारण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस टैंक की जल भराव क्षमता लगभग 65 से 70 हजार लीटर है। टैंक की दीवारों से लगातार हो रहे रिसाव के कारण इसकी संरचना और नींव कमजोर हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई तो यह विशाल टैंक कभी भी गिर सकता है, जिससे आसपास के लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि यह टैंक अब “मौत का ढांचा” बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग के अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या को लेकर विभाग और प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।पानी की भारी बर्बादी और बीमारी का खतरा
टैंक से लगातार हो रहे रिसाव के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर साफ पानी व्यर्थ बह रहा है। एक ओर सरकार जल संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के कारण यहां पानी की भारी बर्बादी हो रही है। रिसाव के कारण टैंक के आसपास हमेशा जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है और विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासी रूड़मल, गोमती लाल मीना, दुली चंद मीणा और संजय गुप्ता सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
टैंक की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि टैंक की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसके पास से गुजरने में भी डर लगता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टैंक के रिसाव को बंद कर इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई, तो वे जलदाय विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार का हादसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जलदाय विभाग रैणी की होगी।रिपोर्ट: रैणी (अलवर) | महेश चंद मीना
