जयपुर में संपन्न हुआ ABVP का 61वां प्रांत अधिवेशन, 700 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता

अभाविप जयपुर प्रांत 61वां अधिवेशन जयपुर
जयपुर: गुलाबी नगरी जयपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जयपुर प्रांत का 61वां प्रांत अधिवेशन भव्य और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। यह अधिवेशन 29 से 31 दिसंबर 2025 तक पूर्णिमा यूनिवर्सिटी, महाराणा प्रताप नगर स्थित सार्जेंट सुन्दर कुमार मोगा सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें जयपुर प्रांत से 704 से अधिक प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इस तीन दिवसीय अधिवेशन में शिक्षा, छात्रावास, पर्यावरण, संगठनात्मक विकास, सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों एवं युवाशक्ति की भूमिका जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन हुआ तथा महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। शौर्य और स्वाभिमान की प्रतीक वीरांगना रानी अबक्का चौटा प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र अधिवेशन का एक प्रमुख आकर्षण वीरांगना रानी अबक्का चौटा के शौर्य और स्वाभिमान को समर्पित भव्य प्रदर्शनी रही। कर्नाटक की शासिका रानी अबक्का चौटा के अद्वितीय साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी में अभाविप के प्रांत स्तरीय अभियानों, संगठनात्मक कौशल, वंदे मातरम् आंदोलन का इतिहास, संघ शताब्दी वर्ष में हुए परिवर्तन, महाराणा प्रताप का शौर्य, हल्दीघाटी का युद्ध तथा भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को भी दर्शाया गया। चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव हुए पारित 61वें प्रांत अधिवेशन में प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा-विमर्श के बाद चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए— “राजस्थान : संस्कृति, पर्यावरण और वर्तमान चुनौतियों में युवा शक्ति की भूमिका” राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक सुदृढ़ता हेतु संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता राजस्थान में छात्रावास व्यवस्था : समग्र मूल्यांकन और सुधार छात्रसंघ चुनाव : समाज में सक्षम नेतृत्व निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता इन प्रस्तावों को प्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त सुझावों के अनुसार संशोधित कर सर्वसम्मति से पारित किया गया। संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत, सदस्यता में ऐतिहासिक वृद्धि अधिवेशन में अभाविप जयपुर प्रांत के प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह ने संगठनात्मक गतिविधियों पर आधारित वार्षिक मंत्री प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में अभाविप जयपुर प्रांत ने 1,59,286 सदस्यों के साथ अब तक की सबसे अधिक सदस्यता दर्ज की है, जो संगठन के इतिहास में एक नया कीर्तिमान है। रिपोर्ट में प्रांत भर में हुए कार्यक्रमों, आंदोलनों, शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता की विस्तृत जानकारी दी गई। नई प्रांत कार्यकारिणी का गठन 61वें प्रांत अधिवेशन में वर्ष 2025-26 के लिए नई प्रांत कार्यकारिणी की घोषणा की गई— प्रांत अध्यक्ष: डॉ. जिनेश जैन प्रांत मंत्री: शुभेंद्र सिंह प्रांत उपाध्यक्ष: डॉ. सुरेंद्र चौहान, डॉ. धर्मवीर मीणा, डॉ. धर्मेंद्र चौधरी प्रांत सह मंत्री: नितेश चौधरी, उमा सैनी, लक्ष्मण प्रजापत, संजय चेची प्रांत कोषाध्यक्ष: डॉ. संजय श्रीवास्तव प्रांत संगठन मंत्री: परण सिंह प्रांत कार्यालय मंत्री: मुकेश यादव नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को चुनाव अधिकारी डॉ. धर्मवीर मीणा द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया अधिवेशन का उद्घाटन अधिवेशन का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम जी, अभाविप राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री हर्षित नमोना एवं उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। युवाओं के लिए विचार सत्र और समानांतर सत्रों का आयोजन अधिवेशन के दौरान “युवा भारत का आह्वान – विचार बैठक 2025 के क्रियान्वयन की दिशा” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसके साथ ही पाँच समानांतर सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा— राजस्थान की जनजातीय परंपरा राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन वंदे मातरम् और स्वाधीनता डिजिटल लत और युवा जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। शोभायात्रा और खुले अधिवेशन में युवाओं को दिशा 30 दिसंबर को शोभायात्रा एवं खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र नेताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, छात्रसंघ चुनाव, महिला सशक्तिकरण और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति जैसे विषयों पर युवाओं को जागरूक किया। आगामी अभियानों की घोषणा अधिवेशन में आगामी वर्ष के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों की घोषणा की गई— प्रदेशभर में छात्रावास सर्वेक्षण अभियान महारानी अबक्का चौटा की 500वीं जयंती पर कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर जागरूकता अभियान वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग हेतु स्क्रीन-टाइम जागरूकता अभियान “यह अधिवेशन केवल संगठनात्मक नहीं, राष्ट्रनिर्माण का माध्यम” – शुभेंद्र सिंह प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह ने कहा कि ABVP का 61वां प्रांत अधिवेशन केवल एक संगठनात्मक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में युवाशक्ति की सक्रिय भागीदारी का सशक्त माध्यम है। यह अधिवेशन युवाओं में शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करेगा।”

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