Rajasthan Budget 2026: राजस्थान बजट पर कांग्रेस का हमला, “विकास का रोडमैप गायब” – गोविन्द सिंह डोटासरा
जयपुर, 11 फरवरी: गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश की प्रगति और विकास की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में नई योजनाओं के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान नहीं किए गए हैं।
🔹 यमुना जल परियोजना और ERCP पर सवाल
डोटासरा ने कहा कि यमुना जल परियोजना का फिर से जिक्र किया गया, लेकिन न तो कोई बजट आवंटन हुआ और न ही परियोजना की शुरुआत को लेकर स्पष्ट समयसीमा बताई गई। इसी तरह ईआरसीपी (ERCP) परियोजना के लिए भी कोई ठोस वित्तीय प्रावधान नहीं किया गया।
🔹 जमीन आवंटन और रोजगार पर सरकार मौन
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रतिदिन 8 उद्योगों को भूमि आवंटन की बात कही है, लेकिन:
कितने उद्योग स्थापित हुए?
कितनी निवेश राशि आई?
कितने रोजगार सृजित हुए?
इन सवालों पर बजट में स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
🔹 जर्जर स्कूल भवनों पर अपर्याप्त बजट
राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 3768 स्कूल भवन जर्जर हैं। मरम्मत के लिए 21,000 करोड़ की आवश्यकता बताई गई। लेकिन सरकार ने 2500 स्कूलों के लिए केवल 550 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए। 300 नए भवनों के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, डोटासरा ने इसे बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीनता बताया।🔹 किसानों को MSP बोनस पर निराशा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि
गेहूं की खरीद 2750 रुपये प्रति क्विंटल (MSP + बोनस) की घोषणा नहीं हुई, बाजरे की MSP पर खरीद का भी जिक्र नहीं, जबकि ये वादे चुनाव पूर्व किए गए थे।🔹 युवाओं और छात्रों के लिए अधूरी घोषणाएं
प्रतिवर्ष 1 लाख भर्तियों की घोषणा के अनुरूप नई भर्तियों का जिक्र नहीं।, टैबलेट-लैपटॉप योजना का बजट घटाया गया।, ई-वाउचर के जरिए 20,000 रुपये देने की घोषणा को अपर्याप्त बताया गया, राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की पुरानी घोषणा दोहराई गई, लेकिन अब तक मूर्त रूप नहीं।🔹 इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल बजट पर सवाल
ग्राम पंचायत व ब्लॉक स्तर पर खेलों के लिए 50 करोड़ को नाकाफी बताया, अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ को “ऊंट के मुंह में जीरा” कहा। नए महाविद्यालय या अस्पताल खोलने की कोई घोषणा नहीं।
🎯 निष्कर्ष
कांग्रेस का कहना है कि यह बजट केवल पुरानी योजनाओं को दोहराने और छोटे बदलावों तक सीमित है। किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को इससे अपेक्षित राहत नहीं मिली।
रिपोर्टर: जितेंद्र कुमार
