HadotiNews: हनुमान मंदिर डोरे के धार्मिक आयोजन में उमड़ा जनसैलाब, तिसाया में नरेश मीणा का ऐतिहासिक स्वागत
जानलेवा हमला, जेल भेजने की साजिश और धनबल की राजनीति के खिलाफ गरजे किसान नेता नरेश मीणा, बोले—संघर्ष जारी रहेगा
अंता (बारां): अंता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तिसाया में शनिवार को श्री हनुमान जी महाराज के मंदिर के डोरे के पावन धार्मिक आयोजन के अवसर पर आस्था, जनसमर्थन और जनचेतना का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। इस धार्मिक कार्यक्रम में भगत सिंह सेना के प्रमुख एवं किसान नेता नरेश मीणा के पहुंचते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने नरेश मीणा का पारंपरिक और ऐतिहासिक अंदाज में भव्य स्वागत किया। उन्हें घोड़ी पर बैठाकर पूरे गांव में रैली निकाली गई, जिसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ढोल-नगाड़ों, जयकारों और नारों के बीच यह रैली कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। इस दौरान तिसाया गांव पूरी तरह जनसैलाब में तब्दील नजर आया। तिसाया की जनता का समर्थन ऐतिहासिक: नरेश मीणा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने कहा कि अंता विधानसभा उपचुनाव के दौरान तिसाया गांव की जनता ने जिस तरह उन्हें समर्थन और सहयोग दिया, वह राजनीतिक इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि तिसाया की जनता ने न केवल मतदान के जरिए बल्कि त्याग, समर्पण और साहस के साथ यह साबित किया कि वे अन्याय और धनबल की राजनीति के खिलाफ खड़े हैं। नरेश मीणा ने भावुक होते हुए कहा, “तिसाया की जनता ने 1400 मतों में से 1100 मत देकर जो विश्वास जताया, वह मेरे लिए किसी पद से कहीं बड़ा है। यह कर्ज ऐसा है, जिसे मैं सात जन्मों में भी नहीं चुका सकता।” उन्होंने कहा कि तिसाया गांव संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। यह गांव जिस काम को हाथ में लेता है, उसे पूरा करके ही दम लेता है। यही कारण है कि यह गांव आज पूरे हाड़ौती क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। किसानों और आमजन की लड़ाई जारी रहेगी किसान नेता नरेश मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका जीवन किसानों, मजदूरों और आमजन के अधिकारों के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हाड़ौती क्षेत्र को धनबल, पूंजीपतियों और धन्ना सेठों की राजनीति से मुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र को पैसे के दम पर कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। चुनावों में जनबल की जगह धनबल हावी किया जा रहा है, लेकिन यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता। जनता अब जाग चुकी है और आने वाले समय में बड़ा बदलाव तय है। विधायक न बन पाने के बावजूद संघर्ष जारी नरेश मीणा ने कहा कि अंता विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया, लेकिन धनबल की राजनीति के सामने जनबल को अस्थायी रूप से पराजय झेलनी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और न ही जनता का साथ छोड़ा। उन्होंने कहा, “अगर मैं विधायक होता, तो विधायक निधि से तिसाया सहित पूरे क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव काम करता। लेकिन विधायक न बनने के बावजूद मैं सड़क पर उतरकर किसानों और आम जनता के लिए संघर्ष कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा।” जानलेवा हमले और साजिश का गंभीर आरोप अपने संबोधन में नरेश मीणा ने उपचुनाव के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उपचुनाव के बाद वे धन्यवाद यात्रा निकालकर जनता की समस्याएं सुन रहे थे और सबसे पहले तिसाया गांव पहुंचे थे। इसी दौरान उन पर जानलेवा हमला करवाया गया और उनकी हत्या की साजिश रची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने उन पर हमला किया, उसे जेल से छूटने के बाद उसकी जली हुई स्विफ्ट डिजायर कार के बदले विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया द्वारा 25 लाख रुपये की नई गाड़ी दिलवाई गई। नरेश मीणा ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि इस पूरे मामले के पीछे बड़ी साजिश है। 4 फरवरी को कोर्ट तारीख, जेल भेजने की आशंका नरेश मीणा ने कहा कि 4 फरवरी को उनकी कोर्ट में तारीख है और उन्हें आशंका है कि एक बार फिर उन्हें जेल भेजने की कोशिश की जा सकती है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी प्रकार के दमन से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें झारखंड के क्रांतिकारी नेता शिबू सोरेन से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने शोषणकारी पूंजीपतियों और महाजनों के खिलाफ संघर्ष कर झारखंड की राजनीति की दिशा बदली। रेत माफिया और किसानों का शोषण नरेश मीणा ने क्षेत्र में रेत माफिया और अवैध खनन का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि आज किसानों को रेत की एक ट्रॉली 10 हजार रुपये में मिल रही है, जबकि बड़े पूंजीपतियों के अवैध डंपर लगातार सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों और गरीबों के शोषण का जीता-जागता उदाहरण है। सरकार और प्रशासन की चुप्पी इस पूरे तंत्र को और मजबूत कर रही है। 170 करोड़ खर्च कर जीता गया चुनाव: आरोप नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि अंता विधानसभा चुनाव में लगभग 170 करोड़ रुपये खर्च कर धनबल के दम पर चुनाव जीता गया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में चाहे हजारों करोड़ रुपये खर्च कर लिए जाएं, लेकिन जनता अब बदलाव के लिए तैयार है और वह अपना फैसला बदलकर रहेगी। 30 जनवरी को विशाल जन आंदोलन का आह्वान कार्यक्रम के अंत में नरेश मीणा ने 30 जनवरी को देवली–उनियारा विधानसभा क्षेत्र के सोंप के कोटड़ी मोड़ चौराहे पर आयोजित होने वाले विशाल जन आंदोलन में किसानों और आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों, युवाओं और आम जनता की आवाज बनेगा और धनबल की राजनीति के खिलाफ एक मजबूत संदेश देगा। तिसाया की जनता का आभार अंत में नरेश मीणा ने तिसाया गांव की जनता द्वारा किए गए भव्य स्वागत, सम्मान और अपार प्रेम के लिए सभी ग्रामीणों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तिसाया का यह प्यार और समर्थन उन्हें आगे भी संघर्ष की ताकत देता रहेगा। रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार मीणा
