Rajasthan Education News: ABVP का बड़ा आरोप: राजस्थान विश्वविद्यालय के कॉलेजों की जमीन दूसरे विभागों के नाम दर्ज, सुधार की मांग तेज
जयपुर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राजस्थान विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक कॉलेजों की भूमि को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है। परिषद ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि विश्वविद्यालय की जमीन को तत्काल प्रभाव से पुनः विश्वविद्यालय के नाम दर्ज किया जाए।क्या है पूरा मामला?
ABVP के अनुसार, विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेज- महाराजा कॉलेज – 48 बीघा 10 बिस्वा- महारानी कॉलेज – 29 बीघा 17 बिस्वा की भूमि का स्वामित्व राजस्व रिकॉर्ड में विश्वविद्यालय के बजाय अन्य सरकारी विभागों जैसे JDA/नगर निगम के नाम दर्ज पाया गया है। इकाई अध्यक्ष अभिषेक मीणा ने कहा कि यह गंभीर प्रशासनिक विसंगति है, क्योंकि राजस्थान विश्वविद्यालय प्रदेश का गौरव है और उसके ऐतिहासिक कॉलेजों की भूमि पर किसी अन्य विभाग का नाम दर्ज होना भविष्य में शैक्षणिक विस्तार के लिए बाधक बन सकता है।अतिक्रमण का खतरा
महारानी कॉलेज इकाई अध्यक्ष शिवानी भादू ने बताया कि खाली पड़ी भूमि पर बाहरी हस्तक्षेप और अवैध कब्जों की खबरें लगातार मिल रही हैं। यदि भूमि का स्वामित्व स्पष्ट रूप से विश्वविद्यालय के नाम नहीं रहेगा तो नए भवन, अनुसंधान केंद्र और अन्य शैक्षणिक परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।ABVP की प्रमुख मांगें
राजस्व रिकॉर्ड (नामांतरण/Mutation) में तत्काल सुधार कर भूमि को पुनः राजस्थान विश्वविद्यालय के नाम दर्ज किया जाए, विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों की सीमाओं का सीमांकन कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए, शैक्षणिक भूमि का किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग या अन्य विभाग को हस्तांतरण पर पूर्ण रोक लगाई जाए।आंदोलन की चेतावनी
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने इस गंभीर विषय पर त्वरित संज्ञान नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपते समय इकाई मंत्री मीनाक्षी और वंशिका चौधरी भी मौजूद रहीं।रिपोर्टर: जितेंद्र कुमार
