होटल में बैठकर पूरा हुआ बच्चों का सपना
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा ने बताया कि अक्सर झुग्गी में रहने वाले बच्चे होटल के बाहर खड़े होकर अंदर झांकते रहते हैं। उनके मन में जिज्ञासा रहती है कि होटल के अंदर लोग कैसे बैठकर खाना खाते हैं। इसी भावना को समझते हुए ‘रोटी डे’ के माध्यम से बच्चों को होटल में सम्मानपूर्वक बैठाकर स्वादिष्ट भोजन कराया गया, ताकि उनके चेहरे पर मुस्कान और मन में आत्मविश्वास आ सके।वेलेंटाइन ट्रेंड से अलग हटकर सामाजिक संदेश
कमलेश काला और सुनील सिरस्वा ने बताया कि फरवरी माह में जहां युवा वर्ग रोज डे, चॉकलेट डे और वेलेंटाइन डे मनाने में व्यस्त रहता है, वहीं झुंझुनूं के युवाओं ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए ‘रोटी डे’ मनाने का निर्णय लिया। यह पहल बताती है कि प्रेम का वास्तविक अर्थ जरूरतमंदों की मदद करना भी है।शिक्षा ही असली हथियार: सतवीर बरवड़
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतवीर बरवड़ ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है। ‘रोटी डे’ का उद्देश्य सिर्फ एक दिन का भोजन कराना नहीं था, बल्कि बच्चों को यह संदेश देना था कि यदि वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, तो उनका भविष्य भी उज्ज्वल होगा।कॉपी-पेंसिल और चप्पल भी बांटी गई
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भोजन के साथ-साथ पढ़ाई के लिए कॉपी, पेंसिल और चप्पल भी वितरित की गईं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के असिस्टेंट मैनेजर विकास काला ने कहा कि शिक्षा के जरिए ही सम्मानजनक जीवन संभव है। इस अवसर पर जांबाज सिपाही अजय वर्मा ने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ संदेश दिया। बच्चों ने राजस्थानी गीतों पर नृत्य कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।व्हाट्सऐप अभियान से जुटाया सहयोग
जिले के युवाओं ने व्हाट्सऐप के माध्यम से आर्थिक सहयोग जुटाकर इस आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम में विकास आल्हा, कमलेश काला, सुनील सिरस्वा, विकास काला, अजय वर्मा, सतवीर बरवड़ सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।रिर्पोटर: जितेंद्र कुमार
