UGC Black Law: UGC काले कानून के खिलाफ दौसा में उग्र प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

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UGC Black Law: UGC काले कानून के खिलाफ दौसा में उग्र प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन

दौसा: आज श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज एवं राजपूत समाज के संयुक्त तत्वावधान में UGC बिल को “काला कानून” बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन दौसा जिला मुख्यालय पर आयोजित हुआ, जहां सैकड़ों की संख्या में सर्वण समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र यादव को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें UGC से संबंधित प्रस्तावित नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। “UGC काला कानून सर्वण समाज के लिए अन्यायपूर्ण” – प्रदीप सिंह चौहान इस अवसर पर राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि “UGC का यह काला कानून जबरन सर्वण समाज पर थोपा गया है, जिससे समाज आहत और आक्रोशित है। जब तक यह कानून सरकार द्वारा वापस नहीं लिया जाता, तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में यह आंदोलन ब्लॉक स्तर, जिला स्तर, और प्रदेश स्तर तक फैलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने सर्वण समाज के लोगों से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। शिक्षा के मंदिर में दोहरा कानून नहीं चलेगा – कमलेश जोशी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्राह्मण महासंघ के जिला सचिव कमलेश जोशी (अचलपुरा) ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “सरकार को UGC जैसे काले कानूनों में सुधार करने की जरूरत है। देश में यदि कोई कानून लागू होना चाहिए था तो वह UCC (समान नागरिक संहिता) था, लेकिन सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए UGC जैसे भेदभावपूर्ण कानून को आगे बढ़ाया।” उन्होंने आगे कहा कि “शिक्षा के मंदिर में दोहरा कानून किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में सभी के लिए समान नियम होने चाहिए।” कमलेश जोशी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यह काला कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। भाजपा सरकार को सत्ता में बैठाया भी है, उतारा भी जा सकता है सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि “यदि सरकार सर्वण समाज की अनदेखी करती रही, तो आने वाले चुनावों में भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने में भी समाज पीछे नहीं हटेगा।” प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि “शिक्षा में समानता लागू करो” “UGC काला कानून वापस लो” “सर्वण समाज पर अन्याय बंद करो” आंदोलन को मिलेगा व्यापक समर्थन प्रदर्शन के दौरान यह भी ऐलान किया गया कि आगामी दिनों में राजस्थान के हर जिले में और जरूरत पड़ी तो पूरे देश में UGC काले कानून के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार की अनदेखी की स्थिति में इसे और तेज किया जाएगा। इन प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति इस विरोध प्रदर्शन में समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से— दिनेश जोशी (जिला संयोजक) राजेन्द्र शर्मा उदयराज चौहान राधेश्याम पंडित हरियाणा विमल शर्मा, विजेन्द्र सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में राजपूत एवं ब्राह्मण समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में UGC काले कानून को वापस लेने की मांग की। प्रशासन ने दिया ज्ञापन पर कार्रवाई का आश्वासन जिला प्रशासन की ओर से ज्ञापन स्वीकार करते हुए यह आश्वासन दिया गया कि “आपकी मांगों को उचित माध्यम से राष्ट्रपति एवं संबंधित विभाग तक भेजा जाएगा।” हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे, जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता। निष्कर्ष: UGC काले कानून को लेकर दौसा में सर्वण समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया है। जिस तरह संगठन और समाज के लोग लामबंद हो रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से और बड़ा रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेती है, या फिर यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप धारण करता है।

रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार

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