StudentProtest: राजकीय पीजी महाविद्यालय गंगापुर में स्कूटी प्रकरण को लेकर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कॉलेज गेट बंद कर जताया विरोध

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StudentProtest: राजकीय पीजी महाविद्यालय गंगापुर में स्कूटी प्रकरण को लेकर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कॉलेज गेट बंद कर जताया विरोध

गंगापुर सिटी। नए साल के पहले ही दिन राजकीय पीजी महाविद्यालय में स्कूटी वितरण से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया। स्कूटी प्रभारी धर्मवीर मीणा के एक बार फिर कॉलेज से अनुपस्थित पाए जाने पर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज छात्र-छात्राओं ने कॉलेज गेट बंद कर धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला: जानकारी के अनुसार, छात्र नेता सीताराम गुर्जर के नेतृत्व में छात्राओं का एक समूह पहले से तय कार्यक्रम के तहत आज दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज परिसर पहुंचा था। उद्देश्य था—राज्य सरकार की योजना के तहत मिलने वाली स्कूटी के वितरण की स्थिति की जानकारी लेना। छात्र-छात्राएं जब कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अधिकांश शिक्षक अपने-अपने कक्षों में उपस्थित थे, लेकिन स्कूटी प्रभारी धर्मवीर मीणा कॉलेज में मौजूद नहीं थे।

छात्रों ने सबसे पहले स्टाफ रूम में जाकर उनकी तलाश की। वहां न मिलने पर स्कूटी रूम और फिर प्राचार्य कार्यालय में भी जानकारी ली, लेकिन हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। छात्रों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार स्कूटी से जुड़े कार्यों के लिए वे प्रभारी से मिलने आते रहे हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें टाल दिया जाता है।

प्राचार्य को गुमराह करने के आरोप: छात्रों का आरोप है कि धर्मवीर मीणा ने प्राचार्य को भी गुमराह किया। कभी लाइब्रेरी में होने का बहाना बनाया गया तो कभी साइकिल स्टैंड पर होने की बात कही गई। बाद में जब सच्चाई सामने आई तो पता चला कि वे कॉलेज परिसर से बाहर थे। छात्रों का कहना है कि प्रभारी ने सिर्फ हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर किए और बिना अनुमति कॉलेज से बाहर चले गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

छात्र नेताओं का दावा है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वे कई बार इसी तरह बिना सूचना और अनुमति के कॉलेज से गायब पाए गए हैं। छात्रों का यह भी कहना है कि इस लापरवाही के कारण स्कूटी वितरण की प्रक्रिया लगातार लटकती जा रही है, जिससे विशेष रूप से छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।

कॉलेज गेट बंद कर प्रदर्शन: जब काफी देर तक स्कूटी प्रभारी का कोई अता-पता नहीं चला, तो गुस्साए छात्रों ने कॉलेज गेट बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि जब तक उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिलेगा और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि कॉलेज प्रशासन की उदासीनता के चलते उन्हें बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षक और अधिकारी समय पर ड्यूटी पर नहीं रहते, तो छात्रों से अनुशासन की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

प्राचार्य के कॉल के बाद पहुंचे प्रभारी: सूत्रों के अनुसार, जब प्राचार्य ने बार-बार फोन किया, तब कहीं जाकर धर्मवीर मीणा कॉलेज पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि प्रभारी ने साइकिल स्टैंड पर बैठकर राजकार्य करने का बहाना बनाया, लेकिन मौके पर मौजूद छात्रों ने इस दावे को झूठा बताया। उनका कहना है कि अगर वे वास्तव में कॉलेज परिसर में ही थे, तो पहले उन्हें ढूंढने पर क्यों नहीं मिले।

एडीएम को सौंपा ज्ञापन: घटना के बाद छात्र नेता सीताराम गुर्जर अपने साथियों के साथ गंगापुर सिटी के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) के पास पहुंचे और उन्हें एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्कूटी वितरण प्रकरण के शीघ्र निस्तारण और स्कूटी प्रभारी धर्मवीर मीणा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई।

छात्रों ने एडीएम को बताया कि प्रभारी की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि या तो तुरंत स्कूटी वितरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाए या फिर किसी जिम्मेदार अधिकारी को यह कार्य सौंपा जाए।

छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया: छात्र नेता सीताराम गुर्जर ने कहा कि “यह केवल एक व्यक्ति की अनुपस्थिति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही को दर्शाता है। स्कूटी जैसी महत्वपूर्ण योजना, जो छात्राओं की पढ़ाई और आने-जाने से जुड़ी है, उसे जानबूझकर लटकाया जा रहा है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र आंदोलन को और तेज करेंगे।”

प्रदर्शन में शामिल अन्य छात्र नेताओं—भानु प्रताप गुर्जर, विक्रम गुर्जर, कोमल जांगिड़, कृष्णा बैरवा, मनीषा बैरवा, रीना बैरवा, मनीषा सैनी, भारती मीणा, अजीत गुर्जर, बिट्टू सैनी सहित कई छात्र-छात्राओं ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं ने कहा कि वे कई बार कार्यालयों के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही मिली है।

प्रशासन से उम्मीद: छात्रों का कहना है कि एडीएम ने उन्हें मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रहा और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

निष्कर्ष: राजकीय पीजी महाविद्यालय गंगापुर में हुआ यह घटनाक्रम न सिर्फ स्कूटी वितरण में हो रही देरी को उजागर करता है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। नए साल के पहले दिन ही कॉलेज में इस तरह का विरोध प्रदर्शन होना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और छात्रों की मांगों पर कब तक कार्रवाई होती है।

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