Save Aravali: अरावली पर सबसे बड़ा हमला! 90% पर्वतमाला खतरे में, कांग्रेस का भाजपा पर गंभीर आरोप
जयपुर | 23 दिसंबर | विशेष रिपोर्ट: राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला को लेकर प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि अरावली को योजनाबद्ध तरीके से खनन माफिया के हवाले करने की साजिश पूरी कर ली गई है।
🔴 सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस का आरोप
जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डोटासरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 20 नवंबर 2025 को दिए गए फैसले के बाद अरावली पर्वतमाला का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा विनाश की कगार पर पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि अरावली—
रेगिस्तान के विस्तार को रोकती है धूल भरी आंधियों से प्रदेश को बचाती है जलस्तर और पर्यावरण संतुलन बनाए रखती है और प्रदेशवासियों की आस्था का प्रतीक है इसके बावजूद भाजपा सरकारों ने इसे नष्ट करने का रास्ता खोल दिया है।
🟠 68,000 एकड़ भूमि खनन माफिया को देने की तैयारी?
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता यह कहकर भ्रम फैला रहे हैं कि सिर्फ 0.19% क्षेत्र में ही खनन होगा, जबकि सच्चाई यह है कि यह प्रतिशत करीब 68,000 एकड़ भूमि के बराबर है।
उनका कहना है कि—
यह फैसला खनन माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया
भाजपा का चुनावी वादा ग्रीन कॉरिडोर का था
लेकिन हकीकत में अरावली को अवैध खनन कॉरिडोर में बदला जा रहा है
⚠️ संवैधानिक संस्थाओं पर भी सवाल डोटासरा ने आरोप लगाया कि—
स्वायत्तशासी संस्थाओं का राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है
राजस्थान वित्त आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को भी राजनीतिक प्रवक्ता बना दिया गया है उन्होंने कहा कि जब संवैधानिक पदों पर बैठे लोग राजनीतिक बयानबाजी करेंगे, तो लोकतंत्र और पारदर्शिता कैसे बचेगी।
🛑 आस्था के प्रमुख स्थल भी खतरे में
कांग्रेस ने कहा कि अरावली क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल स्थित हैं, जिन पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा, जिनमें प्रमुख हैं—
परशुराम महादेव (पाली), हर्षनाथ (सीकर), पांडुपोल हनुमान, नीलकंठ महादेव (अलवर), सरिस्का, गलता, खोले के हनुमान जी (जयपुर), एकलिंग जी (उदयपुर), लोहारगल (झुंझुनूं), देलवाड़ा, अचलगढ़ और कुम्भलगढ़।
डोटासरा ने कहा कि सनातन की बात करने वाली भाजपा सरकार आस्था के इन केंद्रों का भूगोल मिटाने पर तुली हुई है।
🧑⚕️ पर्यावरण और स्वास्थ्य संकट कांग्रेस ने चेतावनी दी कि—
खनन बढ़ने से सिलिकोसिस जैसी जानलेवा बीमारी फैल रही है मजदूर कम उम्र में मौत का शिकार हो रहे हैं परिवार उजड़ रहे हैं
इसके बावजूद सरकार अवैध खनन रोकने के बजाय उसे वैध बनाने की कोशिश कर रही है।
🔵 नेता प्रतिपक्ष का मुख्यमंत्री से सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा— “मुख्यमंत्री कहते हैं कि वे अरावली को कुछ नहीं होने देंगे, लेकिन क्या इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री से कोई ठोस मांग की है?”
उन्होंने पूछा कि— क्या अरावली बचाने के लिए नया कानून लाया जाएगा?
या यह सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगा?
✊ कांग्रेस का बड़ा ऐलान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने साफ किया है कि—
अरावली मुद्दे पर 19 जिलों में जन आंदोलन होगा
जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा
भाजपा सरकार के खिलाफ वृहद और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा
कांग्रेस का कहना है कि जब तक केंद्र और राज्य सरकारें अरावली को बचाने के लिए ठोस कानूनी कदम नहीं उठातीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
🟢 निष्कर्ष: कांग्रेस ने दो टूक कहा है कि अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, राजस्थान का भविष्य है
अगर इसे नष्ट किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां भाजपा सरकार को कभी माफ नहीं करेंगी।Save Aravali: अरावली पर सबसे बड़ा हमला! 90% पर्वतमाला खतरे में, कांग्रेस का भाजपा पर गंभीर आरोप
